A2Z सभी खबर सभी जिले की

यूपी एसआरएलएम के अंतर्गत सीबीओ- मानव संसाधन विषयक पांच दिवसीय आवासीय राज्य स्तरीय टीओटी संपन्न

बदायूं के डीआरपी अमित तोमर को मिला प्रमाण पत्र

यूपी एसआरएलएम के अंतर्गत सीबीओ- मानव संसाधन विषयक पांच दिवसीय आवासीय राज्य स्तरीय टीओटी संपन्न
-बदायूं के डीआरपी अमित तोमर को मिला प्रमाण पत्रIMG 20260530 WA0002 IMG 20260530 WA0003 IMG 20260530 WA0004 IMG 20260530 WA0005 IMG 20260530 WA0001

बक्शी का तलब (लखनऊ)। दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम विकास संस्थान द्वारा प्रायोजित, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मॉडल संकुल स्तरीय संघ के सीबीओ मानव संसाधन विषयक पांच दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान आर आई आर डी बख्शी का तालाब लखनऊ में प्रमाण पत्र वितरण के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बदायूं के डीआरपी एसएमसीबी वरिष्ठ समाजसेवी अमित कुमार सिंह तोमर सहित अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन प्रदेश प्रभारी राज्य मिशन मैनेजर डॉक्टर नंद किशोर शाह, सत्र प्रभारी प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी डॉक्टर सीमा राठौर, स्टेट रिसोर्स पर्सन अमितेश इंजीनियर एवं प्रशिक्षक डीआरपी स्वर्णलता श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण के समापन पर अपने विचार रखे। प्रदेश प्रभारी डॉक्टर नंदकिशोर शाह ने कहा कि यह प्रशिक्षण मानव संसाधन का सही उपयोग कराने में मिल का पत्थर साबित होगा। स्टेट रिसोर्स पर्सन अमितेश इंजीनियर एवं लता श्रीवास्तव ने माइक्रो लैब, गरीबों की समझ विकसित करने हेतु मानसून गेम, समूह क्या, समूह की आवश्यकता क्यों, परिपक्व समूह के गुण, समूह प्रक्रिया के अंतर्गत संचार समस्या समाधान निर्णय की प्रक्रिया नेतृत्व आदि पर मानव गांठ आदि खेल खिलाते हुए समझ विकसित की। संकुल की मूल संरचना, सीएलएफ की प्रणाली, सदस्य शासन और परिचालक तीनों स्तंभों पर समझ विकसित की गई। सीएलएफ में मैनेजर, लेखाकार, एमआईएस सहायक के कार्य भूमिका और जिम्मेदारियों को समूह का गठन करते हुए समझ विकसित की। राज्य रिसोर्स पर्सन अमितेश इंजीनियर ने लेखांकन, वित्तीय प्रबंधन और एमआईएस की मूल बातों पर चर्चा करते हुए सीएफ में महत्व पर चर्चा की ‌। सीएफ में वित्तीय प्रणाली क्या है लेखांकन का उद्देश्य, वित्तीय प्रबंधन क्यों जरूरी है। सीएलएफ की प्रबंध पुस्तक, मुख्य पुस्तक सहित सहायक पुस्तकों पर विस्तार पूर्वक उदाहरण देते हुए समझाया तथा सीएलएफ की फाइलें समझाते हुए विभिन्न फाइलों पर चर्चा कर समझ विकसित की गई। लेखांकन चक्र को बहुत ही सरल तरीके से समझाते हुए लेनदेन से लेकर वित्तीय भिवानी को उदाहरण देते हुए समझाया। प्राप्ति एवं भुगतान के स्वभाव को समझाते हुए आय, व्यय, दायित्व और संपत्ति पर चर्चा की। दोहरा लेखा प्रणाली, रोकड़ बही में पांच प्रकार की प्रविष्टि, वित्तीय प्रबंधन के प्रदर्शन संकेतक, तरलता अनुपात, निधियों का वेग, ऋण प्रबंधन, ऋण आवेदन प्रक्रिया को समझाते हुए ताना-बाना गेम के माध्यम से समझ विकसित की गई। ऋण की निगरानी, ऋण चुकौती निगरानी, ऋण चूक के कारण, ऋण जोखिम मापन, भाई को बढ़ाना खर्च कम करना आदि शत्रुओं पर विस्तार पूर्वक समझ बनाई गई। समापन सत्र पर संचालन करते हुए प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी डॉ सीमा राठौर ने प्रभारी राज्य मिशन मैनेजर डॉक्टर नंदकिशोर शाह, राज्य रिसोर्स पर्सन अमितेश इंजीनियर, स्वर्णलता श्रीवास्तव आदि का धन्यवाद ज्ञापित किया।

Back to top button
error: Content is protected !!